रविवार, 23 दिसंबर 2012

Some Slogans =


Some Slogans =
* धर्म ही है धर्म हमारा - ऐसा क्यों न कहें ?  इसमें हिन्दू - मुसलमान - सिख - ईसाई जोड़ने की क्या ज़रुरत है ?
* धर्म के स्थान पर लोग  भारतीय , भारतीयता आदि लिखते हैं | उनकी भावना सराहनीय है  | पर यह तो राष्ट्रीयता का नाम हैं | धर्म का तो सर्वभौमिक Universal  नाम 'धार्मिक/ Religious' ही उपयुक्त है | जब तक हमसे हमारा धर्म पूछा जाता है |
     
* भगवान ने तो हमें जानवर के रूप में बनाया और पृथ्वी पर भेज दिया | आदमी बनना तो अब हमारा काम है , हमारे जिम्मे !

* मेरे  विचार  से  HUMANISM  का हिंदी में सही अनुवाद = " मानव पंथ " और HUMANIST का मानव पंथी होगा , मनुष्य आधारित नैतिकता को जीने वाला संप्रदाय |

* अब दो धर्म बनते हैं मनुष्य के | जैसा वी एम तारकुंडे ने महात्मा गाँधी पर लिखते हुए उसका शीर्षक दिया था = SECULAR AND RELIGIOUS MORALITY  | उसी तरह दो धर्म मनुष्यों द्वारा धारण किये जायेंगे | सारे किताबी , ईश्वरवादी , परलोकवादी  धार्मिक नैतिकतावादी होंगे , और नास्तिक इहलोक वादी , बुद्धिवादी , विज्ञानवादी , लोग सेक्युलर होंगे |

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