बुधवार, 26 दिसंबर 2012

तुम्हारा सत्य


[बड़ी पुरानी कविता ]

* तुम्हारा सत्य
काला है ,
हमारा झूठ -
सफ़ेद है |
# #


[ कविता ]
* मुसीबत हमेशा
मेरे पीछे चलते हैं ,
पीछे लगे रहते हैं ,
मेरा पीछा नहीं छोड़ते |
अर्थात, मैं
उनके आगे चलने वाला,
उनका सर्वमान्य
नेता हो गया हूँ |
# # #  



* जिनसे उम्मीद थी कुछ देंगे, वह लूट गए ,
जिन पर संदेह था कि लूटेंगे , दे कर गए |

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