समझ में नहीं आया कि यह लोग इतनी बड़ी डिप्लोमेटिक, राजनयिक गलती क्यों कर रहे हैं ? यदि यह पाकिस्तान से पीड़ित हिंदुओं के साथ मुसलमानों को भी आने देते तो दुनिया में यह कहने को हो जाते और पाकिस्तान इससे बदनाम होता कि देखो पाकिस्तान में मुसलमानों पर भी जुल्म हो रहे हैं, और भारत उनको शरण दे रहा है । है न मेरा भारत महान !
ऐसा यह लोग क्यों नहीं कर रहे हैं, बल्कि न करने की ज़िद पर अड़े हैं, इसका कारण समझ में नहीं आता !
उग्रनाथ'नागरिक'(1946, बस्ती) का संपूर्ण सृजनात्मक एवं संरचनात्मक संसार | अध्यात्म,धर्म और राज्य के संबंध में साहित्य,विचार,योजनाएँ एवं कार्यक्रम @
गुरुवार, 30 जनवरी 2020
राजनय
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