सोमवार, 30 अप्रैल 2012

Halaal / Haraam

आजकल एक चर्चा फिर बहस में है | अन्ना का कहना है कि किरण बेदी ने अपनी संस्था के लिए पैसे जुटाए इसलिए वह भ्रष्टाचारी नहीं कही जा सकतीं | सही है , तमाम माँ - बाप भी अपनी लड़कियों की शादी और लड़कों की पढ़ाई के लिए घूस -पात लेते हैं | सारा का सारा अपने व्यक्तिगत उपयोग के लिए थोड़े  ही करते हैं | उन्हें भी भ्रष्टाचारी कहना उचित न होगा | सबके पास अपने भ्रष्टाचार के लिए हाज़िर जवाब है | एक चोर डकैत के पास भी | सबके पास अपने अपने कारण हैं | एक शेर सुनिए == " मैं अपने बच्चों की ख्वाहिशों का क़त्ल होते न देख पाया / मैं जानता था की ज़िन्दगी में हलाल क्या है , हराम क्या है | "  

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